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छात्रों की मारपीट में छात्र की मौत के बाद जागा शिक्षा विभाग, अब स्कूलों के लिए जारी किए ये निर्देश…

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राजकीय इंटर कालेज कीर्तिनगर में छात्रों के बीच बीती 17 अगस्त को हुई मारपीट के बाद छात्र की मौत के बाद शिक्षा विभाग नींद से जागा है। मामले का संज्ञान लेते हुए अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल ने सभी राजकीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त स्कूलों में अनुशासन समिति का गठन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग करने व इसके लिए स्कूल के व्यायाम शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए हैं।

मण्डलीय अपर निदेशक (मा.शि.) गढ़वाल मण्डल महावीर सिंह बिष्ट ने कहा है कि समय-समय पर प्रधानाचार्य/प्राधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग भी करते रहें। यह जानने का भी प्रयास करते रहें कि छात्र-छात्राओं का विद्यालय में कोई गुट तो नहीं बने हुए हैं अथवा क्या छात्र-छात्राओं के मध्य किसी प्रकार का मनमुटाव है। यदि ऐसा हो तो अनुशासन समिति में इस पर विचार कर संबंधित छात्र-छात्राओं की तत्काल काउंसलिंग की जा सकती है। तथा उनके अभिभावकों से भी संपर्क किया जाना चाहिए ताकि ऐसी किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

शिक्षकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि प्रयोगात्मक वादनों में छात्र-छात्राओं को प्रयोगशाला में शिक्षक की अनुपस्थिति में प्रवेश न कराया जाए। क्योंकि यह भी संज्ञान में आया है कि छात्र-छात्राएं प्रयोगशालाओं के उपकरण का भी आपसी लड़ाई-झगडे में प्रयोग कर वह एक-दूसरे को हानि पहुंचा सकते हैं। अन्यथा विद्यालय में होने वाले किसी भी दुर्घटना के लिए प्रधानाचार्य सहित सम्पूर्ण शिक्षक एवं कर्मचारी जिम्मेदार समझे जाएंगे। अत: विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण एवं अनुशासन बनाने का सार्थक प्रयास किए जाएं।

बता दें कि राजकीय इंटर कॉलेज कीर्तिनगर परिसर में 17 अगस्त को छात्रों के बीच हुई मारपीट में मलेथा निवासी छात्र आयुष नेगी गंभीर रूप से घायल हो गया था। उपचार के दौरान 20 अगस्त को देहरादून में उसकी मौत हो गई थी। मौत के मामले में व्यायाम शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है, अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक पौड़ी ने विद्यालय के व्यायाम शिक्षक वीर विक्रम सिंह के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। निलंबित शिक्षक को अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक कार्यालय पौड़ी से अटैच किया गया है। प्रधानाचार्य का निलंबन शासन स्तर से किया जाना है।