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मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से स्वास्थ्य मंत्री के सम्मुख भी उठाई कुमाऊँ में एम्स की मांग….

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पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जून में अपने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रदेश के कुमाऊँ मण्डल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कुमाऊं में एम्स की स्थापना करने अथवा ऋषिकेश एम्स की एक शाखा खोलने की मांग की थी। एम्स की मांग के साथ ही एम्स कहां बनेगा इसको लेकर बहस तेज हो गई और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार तराई या फिर पहाड़ में एम्स स्थापित करने की मांग की जाने लगी। वहीं कई लोगों द्वारा रानीपुर में बंद पडी एचएमटी फैक्ट्री में एम्स खोले जाने की मांग की गई। यह मांग जोर पकड़ ही रही थी कि, प्रदेश में उपजे अप्रत्याशित संवैधानिक संकट के चलते तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और पुष्कर सिंह धामी के रूप में राज्य को नए मुख्यमंत्री मिले।

नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कुमाऊँ मण्डल में एम्स की मांग को जिंदा रखा है, और सीएम बनने के बाद अपने पहले दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री व केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष यह मांग रखी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविद सहित कई केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कुमाऊँ में एम्स की स्थापना की मांग उठाई तो वहीं बाद में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के दौरान उनके समक्ष भी यह मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कोविड की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से राज्य में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में कोविड पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया गया है। अभी भी राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सारी तैयारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश उत्तराखण्ड को केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण देन है। कोविड से लङाई में इसकी बङी भूमिका रही है। राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुमाऊँ मण्डल में भी इसी प्रकार के एक एम्स की स्थापना की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से इसके लिए अनुरोध करते हुए कहा कि का राज्य सरकार इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। कुमायूं में एम्स की स्थापना से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं से क्षेत्र की जनता लाभान्वित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री की मांग को आगे बढाया है, अब देखना होगा कि केन्द्र सरकार राज्य सरकार कि इस मांग पर कितना अमल करती है। प्रदेश में मुख्यमंत्री भी इस समय कुमाऊँ मण्डल से ही हैं। अब देखने वाली बात होगी कि यह मांग पूरी भी होती है या केवल एक चुनावी जुमला साबित होगी।