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सल्ट उपचुनाव – गंगा पंचोली हो सकती हैं कांग्रेस प्रत्याशी..

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उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले की सल्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव का कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी उपचुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि उप निर्वाचन हेतु भिकियासैंण तहसील में नामाकंन का कार्य किया जायेगा। इसके लिए जल्दी ही बैरिकेटिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। जल्दी ही निर्वाचन में लगे कार्मिकों, पीठासीन अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी कर दिया जायेगा। सल्ट विधानसभा मेंं कुल सामान्य 95241 मतदाता हैं। जिनमें 48682 पुरूष एवं 46559 महिला मतदाता हैं।विधानसभा में कुल 911 सर्विस मतदाता है जिनमें 895 पुरूष एवं 16 महिला मतदाता हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन को सम्पन्न कराये जाने हेतु 136 मतदान स्थल बनाये गये है, वहीं 129 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं।

सल्ट उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग तो तैयारियों में जुटा ही है, राजनीतिक दलों ने भी अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरु कर दी है। टिकट के दावेदार अपने शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी मजबूत दावेदारी पेश करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के लिए यह सीट बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दिवंगत सुरेन्द्र सिंह जीना यहां से जीतते आए हैं। उनके निधन के चलते खाली हुई इस सीट पर भाजपा फिर से कब्जा जमाने का भरसक प्रयास करेगी। इसके लिए भाजपा जीना परिवार को टिकट देकर सहानुभूति वोट बटोरने का भी प्रयास कर सकती है।

वहीं कांग्रेस की बात करें तो यहां पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रही गंगा पंचोली व सल्ट ब्लॉक प्रमुख विक्रम रावत दावेदारी पेश करे हैं। हालांकि यह देखना होगा कि पार्टी हाईकमान इन दोनों में से किसके ऊपर भरोसा जताती है। 2017 चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रही गंगा पंचोली इस सीट पर मजबूत दावा पेश कर रही हैं, वह लगातार क्षेत्र के दौरे पर हैं और जनता के बीच पहुंचकर जनता का विश्वास जीतने की कोशिश कर रही हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत के करीबी होने के नाते भी उनका पक्ष मजबूत माना जा रहा है। वहीं देहरादून में बैठे कांग्रेस नेता भी पिछले चुनाव के प्रदर्शन को देखते हुए उन पर भरोसा जता सकते हैं। पिछले चुनाव में गंगा पंचोली भाजपा प्रत्याशी से मात्र 2914 वोटों के अंतर से हार गई थी। कांग्रेस की हार का कारण गुटबाजी भी रही है, और यह गुटबाजी समय-समय पर सामने आती रही है। प्रत्याशी चयन में भी कहीं न कहीं हरीश रावत गुट और प्रीतम सिंह-इंदिरा हृयदेश गुटबाजी सामने आएगी। सल्ट उपचुनाव को लेकर भी यह गुटबाजी सामने आने लगी है, बुधवार को स्याल्दे में कार्यकर्ताओं के बीच आपस में नोंक-झोंक देखी गई थी। पर्यवेक्षक करन माहरा ने कार्यकर्ताओं को शांत किया और आपस में एकजुट होकर चुनाव लड़ने की कहा।

बहरहाल कांग्रेस ने दो पर्यवेक्षकों को सल्ट क्षेत्र में भेजा है जो शीर्ष नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके बाद प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगेगी। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने कहा है कि सल्ट उपचुनाव की तैयारियों के मद्देनजर हमारे दो पर्यवेक्षक क्षेत्र में हैं जल्द वह अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशी का चयन किया जाएगा और पार्टी पूरी ताकत के साथ सल्ट उपचुनाव लडेगी। उन्होंने कहा कि हम जनता के बीच भाजपा सरकार के 4 साल की नाकामियों को लेकर जाएंगे। और सल्ट की जनता अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस को वोट देकर विजयी बनाएगी।