Home उत्तराखंड सीएम तीरथ के लिए पहली अग्नि परीक्षा होगी सल्ट विधानसभा उपचुनाव..

सीएम तीरथ के लिए पहली अग्नि परीक्षा होगी सल्ट विधानसभा उपचुनाव..

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मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद की सल्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया जिसके तहत 30 मार्च तक नामांकन प्रकिया होगी तो वहीं 3 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे तथा 17 अप्रैल को मतदान होगा वहीं 2 मई को मतगणना होगी। निर्वाचन आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा के बाद अब प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

सल्ट विधानसभा सीट भाजपा से विधायक रहे सुरेन्द्र सिंह जीना के आकस्मिक निधन के कारण खाली हुई है, प्रदेश में अभी विधानसभा चुनाव एक साल दूर है तो इस सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया था, अब चुनाव आयोग ने भी तिथियों का ऐलान कर दिया है तो वहीं आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के नाम भी सामने आ जाएंगे।

भाजपा इस सीट पर स्व. सुरेंद्र सिंह जीना के परिवार को टिकट देकर जीत की राह देख रही थी, लेकिन प्रदेश में अचानक हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद यह अटकलें भी तेज होने लगी कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत सल्ट सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत इस सीट से चुनाव लडेें या नहीं लेकिन यह उपचुनाव उनकी पहली अग्निपरीक्षा होगी, क्योंकि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद यह प्रदेश में पहला चुनाव है। भाजपा ने हाल में अपना प्रदेश अध्यक्ष भी बदला है, नए प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के लिए भी यह पहली अग्नि परीक्षा होगी क्योंकि कहीं न कहीं उन्हीं के नेतृत्व में यह उपचुनाव लड़ा जाएगा और उम्मीदवार चयन से लेकर चुनाव प्रचार के लिए स्टार प्रचारकों को क्षेत्र में उतारने तक में उनकी बड़ी भूमिका होगी। भाजपा से यदि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत इस सीट से चुनाव नहीं लड़ते हैं तो स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना के बडे भाई महेश जीना को भाजपा टिकट दे सकती है। महेश जीना भी चुनाव लडने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं, और लगातार क्षेत्र में सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल ही में सल्ट के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात भी की है। भाजपा में एक नाम यशपाल रावत के रूप में भी सामने आ रहा है, यशपाल रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को हाथों देहरादून में भाजपा की सदस्यता ली थी, तभी से उनके भाजपा ज्वाइन करने को सल्ट चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कुछ ही दिनों में यह तय हो जाएगा कि पार्टी किस पर भरोसा जताती है।

वहीं कांग्रेस की बात की जाए तो सल्ट उपचुनाव के लिए कांग्रेस पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है, कांग्रेस ने इस उपचुनाव के लिए पहले ही दो पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। आने वाले दिनों में पार्टी अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान भी कर देगी, कांग्रेस से भी दावेदारों के नाम सामने आ चुके हैं, इस सीट पर 2017 में कांग्रेस से चुनाव लड़ चुकी गंगा पंचोली टिकट की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं, और लगातार क्षेत्र में सक्रिय भी हैं। जबकि कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रणजीत सिंह के पुत्र व सल्ट ब्लॉक प्रमुख विक्रम रावत ने भी चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। पूर्व विधायक प्रत्याशी रही गंगा पंचोली हरीश रावत के करीबी मानी जाती हैं, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष रणजीत रावत व उनके पुत्र विक्रम रावत इंद्रा हृदयेश व प्रीतम सिंह के गुट से माने जाते हैं। अब देखना होगा कि पार्टी किस प्रत्याशी पर अपना भरोसा जताती है।

भाजपा- कांग्रेस के लिए भी यह चुनाव चुनौतीपूर्ण रहने वाला है, हालांकि आम आदमी पार्टी ने सल्ट उपचुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। लेकिन क्षेत्रीय दल व निर्दलीय उम्मीदवार भी दोनों पार्टियों को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। हाल ही में क्षेत्र से एक युवा चेहरा राकेश नाथ उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल हुए हैं, उत्तराखंड क्रांति दल यदि राकेश नाथ को टिकट देती है तो वह भाजपा व कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। राकेश नाथ लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और क्षेत्र में युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है। कुल मिलाकर देखा जाए तो सल्ट उपचुनाव काफी रोचक रहने वाला है, सत्तासीन भाजपा इस चुनाव को जीतने के लिए हर हथकंडा अपनाएगी तो वहीं कांग्रेस सहित अन्य दल 2022 से पहले इस चुनाव को जीतकर 2022 के लिए मजबूती से आगे बढ़ना चाहेंगे।