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कोरोना महामारी में अपनों को खोने वाले शिक्षकों का अनुकम्पा के आधार पर ट्रांसफर की मांग….

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देश- प्रदेश में कोरोना महामारी कई लोगों की मौत हुई है, कई बच्चों से उनके माता पिता छिन गए हैं तो वहीं कई माता-पिता ने इस बीमारी में अपने बच्चे भी खोए हैं। कोरोना महामारी के कारण शिक्षा विभाग में तैनात की कर्मचारियों की भी मौत हुई है। ऐसे शिक्षक- शिक्षकाओ ने विषम परिस्थितियों का जिक्र करते हुए अनुरोध किया है कि कोरोना महामारी के कारण उनके पति/पत्नी का सेवारत रहते मृत्यु हो गई है। कार्यरत कर्मचारियों द्वारा सेवारत पति/पत्नी का अनुकम्पा के आधार पर ट्रांसफर करने की मांग की गई है। इस संबंध में अपर निदेशक गढ़वाल मंडल महावीर सिंह बिष्ट ने माध्यमिक शिक्षा के निदेशक को प्रस्ताव भी भेजा है।

कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में स्थानान्तरण सत्र शून्य कर दिया गया है। इस कारण दुर्गम से सुगम या अपने गृह जिले में पोस्टिंग चाह रहे शिक्षिकों को इस बार भी मायूसी है। मगर कोरोना महामारी में अपने परिजनों को खोने वाले शिक्षकों को राहत की उम्मीद है। दरअसल अपर निदेशक गढ़वाल मंडल माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने पत्र लिखकर ऐसे शिक्षकों का ट्रांसफर करने का प्रस्ताव दिया है।

पत्र में कहा है कि 2020-21 और 2021-22 में कोरोना महामारी के कारण कई प्रधानाचार्य, शिक्षक और अन्य विभाग में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों का निधन हुआ है। इस महामारी में अपनी पत्नी/पति को खोने वाले शिक्षकों और शिक्षिकाओं को अपने बच्चों की परवरिश करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण ऐसे शिक्षक एवं शिक्षिका अनुकम्पा के आधार पर ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। कहा कि अपने पति या पत्नी की मृत्यु से शिक्षक एवं शिक्षिकाएं वर्तमान में मनोवैज्ञानिक रूप से परेशान हैं। इसलिए ऐसे शिक्षकों या शिक्षिकाओं का जिनके कोरोना महामारी में पति या पत्नी मृत्यु हुई है उनका अनुकम्पा के आधार पर उनकी इच्छा के अनुरूप विद्यालय में ट्रांसफर का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए। ताकि ऐसे शिक्षकों को राहत मिल सके।