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चीन सीमा पर जवानों के साथ गृहमंत्री ने मनाया दशहरा, किया शस्त्र पूजन

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 शनिवार को सेना के विशेष विमान से गृहमंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ भारत चीन सीमा पर अंतिम अग्रिम चौकी रिमखिम और लफथल पहुंचे, जहां पर गृहमंत्री ने जवनों के साथ चाय नाश्ता किया, सरहदों के हालात के बारे में जानकारी प्राप्त की. गृहमंत्री ने कहा कि आईटीबीपी के जवानों द्वारा आज पूरे देश में बहुआयामी भूमिका निभायी जा रही है. कहा कि सीमाओं की सुरक्षा, आन्तरिक सुरक्षा हो या कोई प्राकृतिक आपदा घटित हो, आईटीबीपी के जवानों द्वारा पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हिमवीरों को जो भी जिम्मेदारी दी जाती है वे उनका वखूवी निर्वहन करते है जिसपर पूरे देश केा गर्व है.

गृहमंत्री ने आईटीबीपी की सरहदी चौकी रिमखिम एवं लफथल पहुंचकर प्रत्येक जवान एवं तैनात अधिकरी से हाथ मिलकार सरहदों की निगेबानी करने के लिए उनका धन्यवाद किया. साथ ही जवानों से उनकी समस्या सुनी व आश्वस्थ किया कि केन्द्र सरकार जवानों के साथ है. जवानों को बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है. गृह मंत्री ने जवानों के साथ सूक्ष्म जलपान भी किया. गृहमंत्री हवाई मार्ग से साढ़े 12 बजे जोशीमठ पहुंचे. आर्मी हेलीपैड में सेना एवं आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. हेलीपैड में गृह मंत्री को गार्ड आफ ऑनर दिया गया. इसके बाद उन्होंने हेलीपैड स्वागत कक्ष में जूस पियायहां पर पांच मिनट रुकने के बाद उनका काफीला प्रथम वाहिनी आईटीबीपी सुनील पहुंचा।

गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने प्रथम वाहिनी आईटीबीपी सुनील में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। स्वास्थ्य विभाग चमोली के तत्वावधान में आयोजित इस रक्त दान शिविर में बल के 50 जवानों ने रक्तदान किया। गृहमंत्री ने कहा कि आईटीबीपी के जवान जहां एक ओर सरहदों की सुरक्षा कर रहे हैं तो वहीं रक्त दान जैसी पुनीत कार्य कर देश दुनिया को एक सुखद संदेश दे रहे है. गृहमंत्री ने आईटीबीपी की ओर से आयोजित शस्त्र पूजा कार्यक्रम में भी शिरकत की।

सुनील पहुंचकर गृहमंत्री ने आईटीबीपी के अधिकारियों एवं जवानों की बैठक ली। विविध सामरिक बिंदुओं पर चर्चा की। गृह मंत्री ने जवानों को दशहरे की बधाई दी। उनके साथ दशहरा मनाया। बैठक के बाद दिन का भोजन सुनील में करने के बाद गृहमंत्री औली के लिए रवाना हुए। औली में भी उन्होंने आईटीबीपी के अधिकारियों एवं जवानों की बैठक ली। रात को वह यहीं रुकेंगे।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह अपने पत्नी के साथ शुक्रवार शाम 7.20 बजे बदरीनाथ मंदिर पहुंचे। वीआईपी गेस्ट हाउस में मंदिर समिति ने उनका स्वागत किया व प्रतिक चिन्ह भेंट किया।  इसके बाद गृहमंत्री अपनी धर्मपत्नी के साथ बदरीनाथ जी की पूजा-अर्चना के लिए मंदिर में गये जहां उन्होंने लगभग 40 मिनट तक भगवान बदरीनाथ जी की विधिवत् पूजा अर्चना की तथा बदरी विशाल की शयन आरती में भी शामिल हुए।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं। जवानों का हौसला मजबूत है। डोकलाम विवाद सुलझा लिया गया है और चमोली से लगी सभी सीमाएं सुरक्षित हैं। शुक्रवार को तीन दिन के दौरे पर चमोली पहुंचे राजनाथ सिंह ने चीन बार्डर के अंतिम गांव माणा में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जवानों को बेहतर कपड़े दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सेना में प्रमोशन दो दशक से नहीं हुए थे। एक बार प्रमोशन हो चुके हैं। इसको लगातार जारी रखा जाएगा। उन्होंने माणा आइटीबीपी कैंप में जवानों के साथ चाय, नाश्ता कर उनकी हौसला अफजाई की। गृहमंत्री ने जवानों की समस्याएं पूछी और उन्हें बड़ा खाने के लिए एक लाख रुपए और एलईडी टीवी भेंट की। जवानों ने गृहमंत्री से कहा कि हम देश सेवा के लिए किसी भी परिस्थिति में तत्पर हैं।