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राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने जागेश्वर धाम व गोल्ज्यू चितई मंदिर में की पूजा अर्चना, प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि के लिये की कामना….

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देवभूमि उत्तराखण्ड आध्यात्मिक व नैसर्गिक सुन्दरता के साथ ही पर्यटन की दृष्टि में भारत ही नहीं पूरे विश्व में अपना अलग स्थान रखता है। यह विचार प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने आज ज्योर्तिलिंग जागेश्वर मन्दिर समूह में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना के बाद कही। उन्होंने कहा कि जागेश्वर में स्थापित ज्योर्तिलिंग का वर्णन हमारे अनेक पौराणिक अभिलेखों में उल्लेखित है। जागेश्वर में लगभग 125 मन्दिर समूहों में जो मूर्ति स्थापित की गयी हैं वे वास्तुकार की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं साथ ही बार से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए एक अलग पहचान बनाये हुए है।

जागेश्वर मन्दिर समूह में जो सुविधायें आम श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराये जाने का प्रयास मन्दिर कमेटी व प्रशासन द्वारा किये जा रहे हैं उससे अवश्य श्रद्धालुओं व पर्यटकों को लाभ मिलेगा। मन्दिर समूह के समीपस्थ वाहन पार्किग, पार्क व अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाये जाने का प्रयास करना होगा। जागेश्वर मंदिर समूह के समीपस्थ जो भी निर्माण कार्य किये जा रहे हैं उसे सही समय पर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित करना होगा।

इस अवसर पर उन्होंने जागेश्वर में प्रमुख जागेश्वर मन्दिर व महामृत्युजंय मन्दिर सहित अन्य मन्दिरों में पूजा अर्चना की। उन्होंने मन्दिर कमेटी के पदाधिकारियों से भी अनेक जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मन्दिर समूह के आसपास के क्षेत्र को विकसित करने की आवश्यकता है इसके लिए पर्यटन व संस्कृति विभाग को समन्वय बनाकर सामूहिक प्रयास करने होंगे।

राज्यपाल ने गोलज्यू चितई मन्दिर पहुंच कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि के लिये कामना की। इसके साथ ही राज्यपाल ने देश और दुनिया से कोरोना समाप्ति तथा पीड़ितों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी प्रार्थना की। उन्होंने इस दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से यहाॅ पर किये जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मन्दिर का सौन्दर्यकरण करने के साथ-साथ यहाॅ पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किये जाय।