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भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की एसआईटी जांच की मांग।

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उत्तराखंड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड में भ्रष्टाचार का मुद्दा गर्माया हुआ है, भ्रष्टाचार के आरोप भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के सीईओ डॉ. अविनाश आनंद पर लगे हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री मेनिका गांधी ने भेड एवं ऊन विकास के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखकर  इन आरोपों की जांच कराने की मांग की थी। अब केन्द्रीय मंत्री गिरिराज  सिंह की ओर से भी इस मामले को लेकर पत्र आया है और पत्र का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने को कहा है।

इसी पत्र के आधार पर अब प्रदेश की पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने मुख्य सचिव से भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के सीईओ डॉ. अविनाश आनंद के खिलाफ एसआईटी जांच की सिफारिश की है। राज्यमंत्री ने डॉ. आनंद की संपत्ति की भी जांच कराने को कहा है। जबकि पूर्व केन्द्रीय मंत्री की शिकायत पर बोर्ड के खिलाफ एक जांच पहले से ही चल रही है।

ये लगे हैं आरोप-

उत्तराखंड में रैमभूले नस्ल की भेड़ होने के बाद भी बिना वैज्ञानिक शोध आस्ट्रेलिया से मरीनों भेड़ का आयात किया गया। भेडों के लिए खरीदे गए चारे में भी आर्थिक घोटाले का आरोप है। वहीं सीईओ अविनाश आनंद पर लग्जरी वाहन खरीदने में और आधुनिकीकरण के नाम पर भी गोलमाल करने का आरोप है। हालांकि सीईओ डॉ. अविनाश आनंद ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा है कि मरीनो भेड़ का आयात शासन स्तर पर गहन विचार- विमर्श और परखने के बाद ही किया गया। उनके परिणाम भी बहुत बेहतर आए हैं, बोर्ड हर जांच के लिए तैयार है।