Home उत्तराखंड कोरोना संकट के बीच अब कुमाऊं में बर्ड फ्लू का अलर्ट।

कोरोना संकट के बीच अब कुमाऊं में बर्ड फ्लू का अलर्ट।

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पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना महामारी से जूझ रही है। और हर देश इसकी वैक्सीन की तैयार करने में जुटा है। भारत सरकार ने भी दो कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी मंजूरी दी है। इस बीच भारत में कोरोना संकट के बीच बर्ड फ्लू का खतरा भी मंडराने लगा है। राजस्थान के अलग-अलग जिलों में 250 से ज्यादा कौओं की मौत तथा हिमाचल के पौंग बांध में एक हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षियों के मरने का मामला सामने आने के बाद बर्ड फ्लू को लेकर चिंता बढ़ी है। जिसके बाद हिमालयी राज्यों में विशेष रूप से अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखण्ड के ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के जलाशयों में भी लाखों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं, ऐसे में यहां भी बर्ड फ्लू की आशंका बनी हुई है।

बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए वन-विभाग ने कुमाऊं मण्डल में अलर्ट जारी किया है। हिंदुस्तान अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुमाऊं में बौर, हरिपुरा, तुमडिया, नानकसार, कोसी बैराज आदि जगह इस वक्त लाखों की संख्या में प्रवासी पक्षी आए हैं, वन विभाग ने इन जलाशयों की गश्त बढ़ा दी है। मेहमान पक्षियों के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। हालांकि अभी कोई केस रिपोर्ट नहीं किया गया है।

पश्चिमी वृत्त के वन संरक्षक जीवन चन्द्र जोशी ने बताया कि अलग-अलग राज्यों में बर्ड फ्लू की सूचना मिली है। इसके बाद कुमाऊं के विभिन्न जलाशयों में प्रवासी पक्षियों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। विभाग की टीमों को प्रवासी पक्षी के मूवमेंट पर नजर रखने के आदेश दिए हैं। वहीं सुशीला तिवारी अस्पताल के एमएस डॉ. अरूण जोशी का कहना है कि फिलहाल दो से तीन सालों में कोई मरीज नहीं आया है। जिन चीजों की जरूरत कोविड में पडी है, सब बर्ड फ्लू में भी चाहिए होता है। इसके लक्षण भी सर्दी जुकाम वाले ही होते हैं। बर्ड फ्लू की दवा टेमीफ्लू भी पर्याप्त मात्रा में है, इसलिए समस्या नहीं है।