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अल्मोड़ा- पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कटारमल कोसी में पर्यटन विभाग एवं संस्कृति विभाग की 30 करोड़ 57 लाख 34 हजार की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण

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राज्य में सहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सभी 13 जनपदों में बेस्ट नये गंतव्य स्थल विकसित किये जाने की योजना पर प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है यह बात प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कटारमल कोसी में पर्यटन विभाग एवं संस्कृति विभाग की 30 करोड़ 57 लाख 34 हजार की विकास योजनाओं के लोकार्पण के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक ओर जहाॅ सभी जनपदों में थीम बेस्ड नये गन्तव्य स्थल विकसित कर रही है वहीं दूरसी ओर हम विभिन्न आध्यात्मिक सर्किटों का निर्माण कर पौराणिक मन्दिरों को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
इस अवसर पर उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की 2230.56 लाख रू. की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिनमें 2.143 लाख रू. की पर्यटन विभाग की  योजनाओं का लोकापर्ण किया जिनमें केन्द्र पोषित स्वदेश दर्शन के अन्तर्गत कटारमल में पर्यटन सुविधाओं के कार्यों का लोकार्पण लागत 1330.00 लाख रू0, केन्द्र पोषित दर्शन अन्तर्गत जागेश्वर में पर्यटन सुविधाओं के कार्यों का लोकापर्ण लागत 813.00 लाख रू0 हैं। उन्होंने संस्कृति विभाग की 87.56 लाख रू0 की योजनाओं का शिलान्यास किया जिनमें शहीद स्मारक सल्ट के सौन्दर्यीकरण एवं शहीदों की मूर्ति के निर्माण कार्य लागत 39.50 लाख रू0, सोमेश्वर में ग्राम बयालाखलसा बदरीनाथ मन्दिर सौन्दर्यीकरण का कार्य लागत 48.06 लाख रू. है।
उन्होंने कहा कि हम विभिन्न आध्यात्मिक सर्किटों जैसे शिव सर्किट, दैवीय सर्किट, विवेकानन्द सर्किट, गोलज्यू मन्दिर सर्किट, नवग्रह सर्किट के साथ-साथ बुद्ध सर्किट, गुरूद्वारा सर्किट, सिद्ध बाबा सर्किट सहित अन्य मन्दिरों के सर्किटों का निर्माण भी प्रस्ताव है। हम चाहते है कि राज्य के पौराणिक मन्दिरों को सर्किटों से जोड़ते हुए देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटक को इन मन्दिरों का आध्यात्मिक एवं पौराणिक महत्ता की सम्पूर्ण जानकारी मिलने के अलावा वह वहाॅ जाकर दर्शनों का लाभ उठा सकें। इस अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित कलैण्डर का विमोचन किया गया साथ ही जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति के पदाधिकारियों द्वारा मंत्री को प्रतीक चिन्ह् देकर सम्मानित किया गया। पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग गढ़वाली एवं कुमाऊनी भोजन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सभी होटलों में इसकी अनिवार्यता सुनिश्चित करने पर भी जोर दे रहा है। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि प्रदेश के कई पंच सितारा होटलों में अपने मैन्यू में इसे शामिल भी कर लिया है।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली और दीनदयाल होम स्टे योजना के 06 लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने एकीकृत आजीविका परियोजना, चैली एैंपण, गोविन्द बल्लभ पंत पर्यावरण संस्थान द्वारा पिरूल से निर्मित उत्पादों के स्टाॅल का भी निरीक्षण किया और कहा कि संस्थान द्वारा जो फाईल कवर, बैग आदि बनाये जा रहे है उन्हें राजभवन व पर्यटन निदेशालय देहरादून को भेजे ताकि इनका व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।
इस अवसर पर विहान समाजिक समिति, पूरन बोरा एवं साथी द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम में विहान समाजिक समिति को ऋतुरैन व पूरन बोरा एवं साथी को छोलिया नृत्य के लिए मंत्री द्वारा 10-10 हजार रूपए एवं जिलाधिकारी ने 05-05 हजार रू0 का पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा कोसी पुर्नजनन एवं पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित महोत्सवों आदि को पाॅवर पाइंट को माध्यम से प्रस्तुत किया।