Home अपना उत्तराखंड ‘मां कसम हिन्दुस्तान स्वच्छ रखेंगे हम‘ मुहिम से जुड़े ऋषिकेशवासी

‘मां कसम हिन्दुस्तान स्वच्छ रखेंगे हम‘ मुहिम से जुड़े ऋषिकेशवासी

2233
SHARE

भारत को स्वच्छ रखने के लिए आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की मुहिम ‘मां कसम हिन्दुस्तान स्वच्छ रखेंगे हम‘ को लोगों का शानदार समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को नगर पालिका परिषद ऋषिकेश के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित जनसंवाद में नगर पालिकाध्यक्ष, सभासद, विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने शिरकत की। सभी ने शहर की स्वच्छता को लेकर अहम सुझाव दिए।

संवाद में निष्कर्ष निकला कि आदत में बदलाव से ही स्वच्छता संभव है। जहां तहां कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने के लिए बने कानून का नगर पालिका कड़ाई से पालन कराए। कूड़ा निस्तारण के शहर में स्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था जरूरी है। तभी शहर स्वच्छ हो पाएगा। नगर पालिका प्रशासन ने गंगा और शहर की स्वच्छता को लेकर बनाए पांच ब्रांड एंबेसडरों से सरकार और जनता के बीच सेतू बनकर कार्य करने की अपील की।

इन्होंने रखी अपनी राय

चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थनगरी में प्रतिदिन करीब 30 कुंतल कूड़ा निकलता है। उसके निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं है। आबादी के बीच कूड़ा डंप होने से आसपास के लोग गंदगी के बीच जीवन यापन करना पड़ता है। ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था होनी चाहिए। -रवि शास्त्री

स्वच्छता के लिए नगर पालिका को प्रोत्साहन योजना चलानी चाहिए। अपने वार्ड को स्वच्छ रखने वाले सभासद को सम्मानित करें, ताकि अन्य लोग प्रेरणा ले सकें। कूड़ा फेंकने वालों पर उसी तरह जुर्माना होना चाहिए जैसे दुपहिया सवार का हेलमेट नहीं पहनने पर होता है। -एसएस भंडारी, प्रधानाचार्य आरपीएस स्कूल

स्वच्छता के लिए सफाई अभियान चल रहे हैं, लेकिन जनजागरूकता की कमी के चलते यह सफल नहीं हो रहे। कुल लोग औपचारिकता के लिए आगे आते हैं, इस सोच को बदलना होगा। सभी सामाजिक संगठनों को सप्ताह में एक दिन अपने क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाना चाहिए। -रमेश चंद जैन, वरिष्ठ नागरिक

स्वच्छता के लिए सख्त कानून बनना चाहिए। हम प्रत्येक महीने अपने क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं। लोग कहीं भी कूड़ा फेंकना अपनी आजादी मान लेते है। इस सोच में बदलाव करना होगा। -शिव कुमार गौतम, सभासद

सफाई का जिम्मा सिर्फ नगर पालिका का नहीं है। इसके लिए हर नागरिक को आगे आना होगा। यह सोच बदलनी होगी कि सफाई कर्मी आएगा तभी घर और आसपास से कूड़ा उठेगा। हर नागरिक खुद अपने घर और आसपास सफाई करे। देखा देखी अन्य लोग भी आगे आएंगे। -दीपक धमीजा, सभासद

कई स्वच्छता अभियान महज दिखावे के लिए चलाए जाते हैं। स्वच्छता के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए हर जगह कूड़ेदान लगने चाहिए। लोग कूड़े को सड़क पर न फेंके, इसके लिए जनजागरूकता लाने की जरूरत है। -राजू गुप्ता, अध्यक्ष फूटकर फल एवं सब्जी विक्रेता संघ

सफाई को लेकर नगर पालिका गंभीर नहीं दिखती। जबकि पालिका में सफाई के लिए सभी संसाधन उपलब्ध हैं। यदि जिम्मेदारी से काम करें तो शहर 80 प्रतिशत स्वच्छ हो सकता है। अफसरों को प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लेना चाहिए। -जयदत्त शर्मा, अध्यक्ष नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल

तीर्थनगरी में बढ़ती गंदगी की समस्या चिंता का विषय है। स्वच्छता अभियान को जनांदोलन का रूप देने की जरूरत है। प्रतिबंध के बाद भी पॉलीथिन का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। व्यापारी हरसंभव सहयोग को तैयार हैं। -राजकुमार अग्रवाल, प्रांतीय अध्यक्ष, देवभूमि उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल

गंगा तट कूड़े से पटे रहते हैं। गंदगी के चलते बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। पूजा सामग्री के खाली रैपर, प्रयोग में लाए गए फूलों को एक स्थान पर एकत्रित करने के लिए त्रिवेणीघाट पर कुंड बनना चाहिए। घाट पर डस्टबीन लगाए जाएं। -मीनाक्षी मैठानी, सदस्य स्पर्श गंगा

कूड़ा फैलाने वालों पर जुर्माना लगना चाहिए। नगर पालिका में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था है। बदले में प्रतिमाह नाम मात्र का शुल्क देना होता है, लेकिन कुछ लोग इस व्यवस्था में सहयोग नहीं करते। जहां तहां कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। -अनिता बहल, सभासद

तीर्थनगरी में ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं होना सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। ऐसे में घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कूड़े का उठान कर एक खाली भूखंड में डाल दिया जाता है। जिससे स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है। सरकार को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए। -डा. राजे नेगी, अध्यक्ष गढ़वाल महासभा

सड़कों पर बेतरतीब पड़ी निर्माण सामग्री भी स्वच्छता अभियान में बाधा बनती है। भवन निर्माण के दौरान कई लोग ईंट, रेत, बजरी सड़क पर डाल देते हैं। बरसात में निर्माण सामग्री पानी के साथ बहकर नाली में जमा होने गंदगी सड़कों पर फैलती है। इस पर रोक लगनी चाहिए। -कविता शाह, सभासद

स्वच्छता की शुरुआत अपने घर और आसपास से करनी होगी। स्वच्छता तन और मन के साथ अपने परिवेश के लिए भी जरूरी है। शहर को स्वच्छ रखने के लिए व्यापक तरीके से जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। जिसमें सभी संगठनों का सहयोग जरूरी है। -रामकृपाल गौतम, अध्यक्ष जनसरोकार मोर्चा

हिन्दुस्तान की पहल सराहनीय है। हिन्दुस्तान तीर्थनगरी में ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था के लिए सरकार को जगाने का भी कार्य करे। वर्तमान में जहां कचरा डंप किया जा रहा है वह स्थान गंगा से महज 60 मीटर की दूरी पर है। मानकों के अनुसार दूरी 200 मीटर होनी चाहिए। -हरीश आनंद, पूर्व सभासद

जनजागरूकता के अभाव में कुछ लोग शहर में खाली पड़े प्लाट में कूड़ा डंप कर देते हैं। प्राइवेट संपत्ति होने के कारण पालिका कूड़े का उठान नहीं करती। ऐसे में आसपास गंदगी को बढ़ावा मिलता है। इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।- शिवमोहन मिश्र, व्यापारी

शहर में आवारा पशुओं की भरमार है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। कुछ लोग पशुओं के माध्यम से भी गंदगी फैलाते हैं। इस पर रोक लगाए जाने की जरूरत है। गंदगी फैलाने वालों को रोकने के लिए पालिका, प्रशासन के साथ अन्य लोगों को भी सहयोग करना चाहिए। सत्यवीर तोमर, व्यापारी

गंगा में गिरने वाले गंदे नालों को टैप नहीं किया जाता। जिससे गंदगी सीधे गंगा में समाहित होती है। चंद्रेश्वरनगर जाकर देखो, जहां सीवर की गंदगी ओवरफ्लो होकर गंगा में गिरती है। गंगा में प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। -सरोज डिमरी, अध्यक्ष स्पर्श गंगा

पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें काम करना होगा। हिन्दुस्तान के इस अभियान से सभी को प्रेरणा मिली है। अपने क्षेत्र में स्वच्छता समिति बनाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। सभी साथ देंगे, तभी स्वच्छता अभियान को सफलता मिलेगी। -प्यारेलाल जुगरान, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष

हरिद्वार रोड स्थित छोटी सब्जी मंडी में सड़ी गली सब्जी को कूड़ादान की जगह नाली में फेंका जाता है। जिससे गंदगी को बढ़ावा मिलता है। पालिका प्रशासन को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। -सुमित पंवार, सभासद

मंदिर जाते हैं भगवान की पूजा अर्चना करते हैं, लेकिन पूजा सामग्री के खाली रेपर मंदिर में फेंक देते हैं। इस तरह की आदत बदलने की जरूरत है, तभी स्वच्छता अभियान सफल हो सकेगा। स्वच्छता अभियान में जनसहभागिता जरूरी है। -इंद्र कुमार गोदवानी, सामाजिक कार्यकर्ता

गंगा और शहर की स्वच्छता के लिए नगर पालिका ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, इस दायित्व पर खरा उतरने का प्रयास रहेगा। जल्द जागरूकता के संबंध में मुहिम चलाई जाएगी। हिन्दुस्तान अखबार की पहल सराहनीय है। इससे लोगों में जागरूकता आएगी। -अशोक पाल, ब्रांड एंबेसडर नगर पालिका

गंदगी फैलाने वालों के लिए बने कानून का कड़ाई से पालन होना चाहिए। चालान एक्ट में बदलाव की जरूरत है। कड़ी कार्रवाई के साथ साथ लोगों को जागरूक करने की भी जरूरत है। पालिका प्रशासन को प्रभावी करनी होगी, तभी शहर स्वच्छ हो सकता है। -मनीष शर्मा, सभासद

शहर में कूड़ा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। अक्सर देखने में आता है कि सड़कों की सफाई के बाद कूड़े के ढेर को वहीं छोड़ दिया जाता है। ऐसे में राहगीरों को गंदगी का सामना करना पड़ता है। पालिका को कूड़े का उठान समय पर करना चाहिए। -मदन मोहन शर्मा, अध्यक्ष सरकारी सस्ता गल्ला संघ

तीर्थनगरी में सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जनसंवाद में जो सुझाव आए हैं उन पर अमल किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों, दीवारों पर पर्यावरण और धार्मिक चित्रकारी की जाएगी, इसका जिम्मा आरपीएस स्कूल के प्रधानाचार्य को दिया गया है। बाजार में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जैविक और अजैविक कूड़े के लिए डस्टबीन उपलब्ध कराए जाएंगे। पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए व्यापारिक संगठनों से वार्ता की जाएगी। आस्थापथ, त्रिवेणीघाट पर सफाई के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी। हिन्दुस्तान अखबार बधाई का पात्र है, जिन्होंने सफाई के मुद्दे पर समाज को जागरूक करने का काम किया।
-दीप शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद

ये प्रमुख सुझाव आए

पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध लगे

संवाद में लोगों ने तीर्थनगरी को पॉलीथिन मुक्त करने के अभियान पर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि जब प्रधानमंत्री रातों-रात बड़े नोट बंद कर सकते हैं तो नगर पालिका पॉलीथिन बंद क्यों नहीं कर सकती। पॉलीथिन उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियों को ही बंद किया जाना चाहिए। पॉलीथिन पर पाबंदी लगने से गंदगी की समस्या काफी कम हो जाएगी।

स्वच्छता के लिए बने कानून का कड़ाई से पालन हो

यदि शहर को स्वच्छ बनाना है तो कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बने कानून का कड़ाई से पालन होगा। गंदगी फैलाने पर महज चालान की कार्रवाई नाकाफी है। कानून के तहत निर्धारित जुर्माना वसूला जाए। ताकी लोग स्वच्छता का मोल समझ सकें।

आवारा पशुओं से मिले छुटकारा

चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थनगरी में आवारा घूमने वाले पशु लोगों के जी का जंजाल बने हैं। इनके मुख्य मार्गों पर विचरने से हादसों का खतरा बना रहता है। नगर पालिका को अलग से बाड़े की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकी इनसे आमलोगों को निजात मिल सके।

ट्रंचिंग ग्राउंड प्राथमिकता

संवाद में सभी लोगों ने तीर्थनगरी में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि चिह्नित करने और योजना को मूर्त रूप देने की मांग उठाई। लोगों को कहना था कि पालिका प्रशासन को ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए गंभीरता से पहल करनी चाहिए। फोटो कैप्शन 21 आरएसके 01 से 24 फोटो कैप्शन 21 आरएसके 25 नगर पालिका स्वर्णजयंती सभागार में बुधवार को हिन्दुस्तान अखबार के जनसंवाद मां कसम हिन्दुस्तान को स्वच्छ रखेंगे हम मुहिम पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी।