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उत्तराखण्ड परिवहन की बसें जल्द अन्य राज्यों के बीच भी होंगी संचालित, मुख्यमंत्री ने दी सहमति।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन से कोरोना वायरस की रफ्तार पर कितना ब्रेक लगा ये तो अभी स्पष्ट नहीं हो पाया, लेकिन लॉकडाउन ने सार्वजनिक परिवहन पर जरूर ब्रेक लगा दिया। हालांकि अनलॉक में धीरे-धीरे सीमित संख्या में सार्वजनिक परिवहन को शुरु किया गया, लेकिन अन्तर्राज्यीय परिवहन अनलॉक-4 में सुचारू नहीं हो पाया। उत्तराखण्ड की बात करें तो राज्य के अंदर तो परिवहन व्यवस्था को सुचारू किया गया है, लेकिन अन्य राज्यों के लिए उत्तराखण्ड परिवहन की बसों के चलने का अब भी इंतजार है।
लेकिन अब यह इंतजार जल्द खत्म होने जा रहा है, राज्य सरकार ने अंतर्राज्यीय परिवहन को शुरु करने की तैयारी कर ली है, माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने इस पर अपनी सहमति दे ही है। इस सहमति के बाद उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लिए उत्तराखंड की रोड़वेज बसें चल सकेंगी, तो वहां की बसें भी उत्तराखण्ड आ सकेंगी। हालांकि फिलहाल सीमित संख्या में अंतर्राज्यीय परिवहन शुरु किए जाने की बात सामने आ रही है। बसों का संचालन किन नियमों के साथ होगा, इसे लेकर अगले सप्ताह गाइडलाइन जारी की जा सकती है।
केन्द्र सरकार ने अनलॉक-4 के तहत सभी राज्यों को सीमाओं पर लगाई गई पाबंदी हटाने कि निर्देश दिए थे, पड़ोसी राज्यों ने अपनी सीमाएं निर्बाध रूप से खोल भी दी हैं, लेकिन उत्तराखण्ड में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था में प्रदेश की सीमाओं पर बाहरी यात्रियों का पंजीकरण चैक किया जाता है। इसके साथ ही यात्री कितने दिन के लिए आ रहे हैं, और उनके होम क्वारंटाइन आदि की क्या स्थिति है, यह सीमा पर देखी जाती है।
इन स्थितियों के कारण उत्तराखण्ड में रोडवेज की बसें केवल राज्य के अंदर ही संचालित हो रही हैं। देहरादून से रूड़की जाने के लिए भी बसों को वाया हरिद्वार होकर जाना पड़ रहा है। वहीं देहरादून से नैनीताल-हल्द्वानी के लिए बसों का संचालन ठप है, क्योंकि यहां बीच का मार्ग उत्तर- प्रदेश का पड़ता है। बसों का संचालन न होने से रोड़वेज का घाटा भी बढ़ता जा रहा है। परिवहन सचिव शैलेश बगोली ने कहा है कि अन्तर्राज्यीय परिवहन खोलने की तैयारी चल रही है, इसके लिए नियम व शर्तें तैयार की जा रही हैं, एक दो दिन में सरकार इस पर निर्णय ले सकती है।