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बाबा की नगरी में मौत का तांडव, सबको रुला रहा है घटना स्थल का खौफनाक मंजर

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मुसाफिरों की सहूलियत के लिए बनाए जा रहा फ्लाईओवर ही मंगलवार शाम को कहर बनकर टूट पड़ा। वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो स्लैब गिरने के कारण कई जिंदगियां काल के गाल समा गई वहीं 40 से ज्यादा लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। स्लैब के नीचे दबी कई गाड़ियों में से लोगों के शरीर के अंग बाहर निकल रहे थे। ऐसे वीभत्स नजारों को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..हादसे का मंजर कुछ ऐसा था कि देखने वालों की रूह तक कांप उठी। वाहनों से लटकते शवों के चिथड़े, आस-पास फैला खून, हादसे की भयावहता को बयां कर रहा था। वाहनों में सवार यात्री बचाव को गुहार लगा रहे थे तो घायल हुए लोग दर्द से चीख रहे थे।

शाम 05:30 के करीब हुई घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य खबर लिखे जाने तक जारी है। दो बोलेरो और एक मैजिक बाहर निकाल ली गई है अभी भी कई लोगों की व्यक्तियों के स्लैब के नीचे दबे होने की आशंका है। बीएचयू समेत अन्य सभी अस्पतालों को एलर्ट कर दिया गया है। सेना और एनडीआरएफ को मौके पर बुला लिया गया है।

दुर्घटनास्थल पर भीड़ के चलते राहत कार्यों में परेशानी आ रही है। इस बीच पूरे शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है।  हादसे के बाद पीएम मोदी, सीएम योगी सहित देश के अन्य नेताओं ने दुख प्रकट किया है। यूपी सरकार ने मृतकों को पांच लाख और गंभीर रूप से घायल लोगों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

राज्य सरकार ने घायलों को हर संभव मदद देने का ऐलान किया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जायजा लेने के लिए वाराणसी आ रहे हैं। कैंट मालगोदाम के पास वसुंधरा गेट नंबर चार के सामने शाम करीब साढ़े पांच बजे निर्माणाधीन फ्लाईओवर के 40 से 50  मीटर के हिस्से के दो स्लैब गिरने से बहुत तेज धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उस समय एक सिटी बस, पांच कार और 15 दो पहिया वाहनों पर स्लैब गिरे तो अफरातफरी मच गई।

मौके पर डेढ़ घंटे बाद पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्लैब के हिस्से को उठाने के लिए नौ क्रेन मंगाकर राहत और बचाव का काम शुरू कराया है। स्लैब काफी भारी होने के कारण क्रेन उसे अभी नहीं उठा पा रहे हैं। उसमें दबे लोग बचाव के लिए चिल्ला रहे हैं। जगह कम होने के कारण यहां राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। एहतियात के लिए कैंट की ओर आने वाले वाहनों को रोका गया है।

खिरकार जिसका डर था वही हुआ। जाम के झाम में फंसकर मंगलवार को कई लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ी। कैंट पर बन रहे फ्लाईओवर का स्लैब जब गिरा तो उस दौरान सड़क पर जाम लगा हुआ था। गाड़ी भगाना तो दूर लोगों को वाहन से बाहर निकलने तक का मौका नही मिला। इसे लेकर आम जनता में जबरदस्त रोष है। स्लैब के नीचे दबी गाडि़यों की हालत देखकर उनकी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है

चकनाचूर सिटी बस, ऑटो, बाइक, कारें, सब लगभग एक दूसरे से सटी खड़ी हैं। इसका कारण सड़क पर जाम रहा। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मंगलवार की शाम भी यहीं हालात थे। जब स्लैब गिरने लगा तो किनारे चल रहे बाइक सवार अपने वाहन छोड़ कूद गए। इसके चलते कई की जान बच गई।

वहीं सिटी बस, कारें, ऑटो और बीच में चल फंसी बाइक सवार इसकी चपेट में आ गए। लोगों ने बताया कि कुछ लोग तो कार का दरवाजा खोल चुके थे पर उनके निकलने से पहले स्लैब आकर गिर पड़ा। एक स्लैब से बचने के चक्कर में कुछ लोग दूसरी स्लैब की चपेट में आ गए।

हर कोई काशी की यातायात व्यवस्था को कोसता रहा। लोगों का कहना था कि अगर जाम न होता तो इतनी मौतें न होतीं। कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर लहरतारा ओवरब्रिज तक अक्सर जाम लगा रहता है।