Home खास ख़बर थोड़ी सी ‘रेड वाइन’ दिलाएगी आपको चिंता और तनाव से राहत…

थोड़ी सी ‘रेड वाइन’ दिलाएगी आपको चिंता और तनाव से राहत…

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ड्रिंक लवर्स, यहां हम आपको कुछ ऐसी बात बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आपको अच्‍छा लगेगा। शोधकर्ताओं ने रेड वाइन में मौजूद एक ऐसा यौगिक पाया है जो अवसाद और चिंता से निपटने की क्षमता रखता है। रेड वाइन में रेसवेराट्रोल (एक पॉलीफेनोल यौगिक कुछ पौधों और रेड वाइन में पाया जाता है जिसमें एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं) को तनाव-विरोधी प्रभाव प्रदर्शित करने के लिए पाया गया है। यह मस्तिष्क में तनाव को नियंत्रित करने वाले एंजाइम की अभिव्यक्ति को अवरुद्ध करने का काम करता है। जर्नल न्यूरोफार्माकोलॉजी में प्रकाशित, अध्ययन इस बात पर प्रकाश डालता है कि रेस्वेराट्रोल न्यूरोलॉजिकल प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करता है। रेस्वेराट्रोल (Reseveratrol)  अनिवार्य रूप से अंगूर और जामुन के बीज में पाया जाता है।

अब तक, यौगिक में एंटी-डिप्रेसेंट के समान प्रभाव पाए गए थे। लेकिन इसके संबंध फॉस्फोडाइस्टरेज़ 4 के साथ थे, जोकि स्‍ट्रेस हार्मोन कॉर्टिकॉस्टेरॉन से प्रभावित एक एंजाइम थे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अवसाद और चिंता को कम करने के लिए नियमित रूप से रेड वाइन का सेवन करना चाहिए। रेड वाइन में अल्कोहल होता है- जिसका अगर अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो यह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। रेड वाइन का कभी-कभार सेवन जब आप थोड़ा बहुत तनाव महसूस करते हैं तो सहायक हो सकता है।

इसके अलावा, अंगूर और जामुन रेड वाइन की तुलना में रेसवेराट्रॉल का एक बेहतर स्रोत हैं। आप रेस्वेराट्रोल के स्वास्थ्य लाभों के लिए वाइन पीने के बजाय इन फलों को खा सकते हैं।

रेड वाइन में रेस्वेराट्रोल के स्वास्थ्य लाभ- 

1. रेस्वेराट्रोल (Resveratrol) आपके हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है और कैंसर और यहां तक कि दृष्टि हानि से सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

2. रेड वाइन प्लाज्मा और लाल रक्त कोशिकाओं में ओमेगा-3 फैटी एसिड के स्तर में वृद्धि कर सकता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं।

3. अध्ययनों से पता चला है कि एक ग्लास रेड वाइन पीने से टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में कार्डियोमेटाबोलिक जोखिम को कम किया जा सकता है। बहरहाल, डायबिटीज के रोगियों को अपने डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही वाइन पीना चाहिए।

4. ब्रिटेन स्थित वैज्ञानिकों ने पाया कि रेड वाइन में मौजूद प्रोसेनिडिन्स रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। वाइन जो पारंपरिक उत्पादन विधियों के साथ तैयार की जाती है, रेड वाइन यौगिकों को निकालने में अधिक प्रभावी प्रतीत होती है, इस प्रकार वाइन में प्रोसीएनिडिन के उच्च स्तर तक ले जाती है।

5. जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं का कहना है कि रेस्वेराट्रोल, मस्तिष्क को स्ट्रोक से होने वाले नुकसान से बचा सकता है।