Home उत्तराखंड परीक्षाओं को लेकर फिर असमंजस में प्रदेश के विश्वविद्यालय।

परीक्षाओं को लेकर फिर असमंजस में प्रदेश के विश्वविद्यालय।

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उत्तराखण्ड़ में विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह असमंजस अनलॉक-4 की गाइडलाइन के निर्देशों के बाद उत्पन्न हुआ है, केन्द्र सरकार द्वारा जारी की गई अनलॉक-4 की गाइडलाइन में स्कूल-कॉलेजों को 30 सितंबर तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके चलते अब सितंबर में प्रस्तावित परीक्षाएं अक्टूबर तक टलनी तय मानी जा रही हैं।

यूजीसी ने जुलाई में विश्वविद्यालयों के लिए गाइडलाइन जारी कर 30 सितंबर तक फाइनल ईयर व फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए थे। वहीं इसके खिलाफ कुछ संगठनों व राजनीतिक दलों के सहयोगियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर परीक्षाएं निरस्त करने की अपील की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा था कि फाइनल ईयर की परीक्षाएं आयोजित किए बिना छात्रों को पास नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने कहा था कि जो राज्य 30 सितम्बर तक अंतिम वर्ष की परीक्षा कराने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें यूजीसी को इसकी जानकारी देनी होगी।

यूजीसी की गाइडलाइन के बाद उत्तराखण्ड में भी विश्वविद्यालयों ने 30 सितंबर तक परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी कर दी थी। लेकिन 30 सितंबर तक स्कूल कॉलेज बंद रहने के चलते फिर परीक्षाएं आगे जा सकती हैं। इस संबंध में श्रीदेव सुमन विवि. के वाइस चांसलर ने कहा है कि हम पेपर छपाई से लेकर परीक्षा केन्द्र तय करने का काम पूरा कर चुके हैं, मगर 30 सितंबर तक कॉलेज बंद होने से परीक्षाएं संभव नहीं हैं, इसके लिए सरकार को कॉलेज पहले खोलने होंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पक्ष लिखकर डिग्री कॉलेजों में बने क्वारंटाइन सेंटर हटाने के लिए कहा है, क्वारंटाइन सेंटर हटाने के बाद उन कॉलेजों को सैनेटाइज कर प्राचार्यों के हवाले किया जाना है। वहीं विश्वविद्यालय अब यूजीसी से भी नई गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं।