Home उत्तराखंड उत्तराखण्ड- अपनी मांगों को लेकर डॉक्टरों का आंदोलन शुरु, काली पट्टी बांध...

उत्तराखण्ड- अपनी मांगों को लेकर डॉक्टरों का आंदोलन शुरु, काली पट्टी बांध कर करा रहे अपना विरोध दर्ज।

272
SHARE

प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ ने अपनी 5 सूत्रीय मांगो को लेकर काली पट्टी बाधकर काम करते हुए सरकार से अपना विरोध दर्ज कराया है। डॉक्टरों ने एक दिन के वेतन काटे जाने का विरोध किया है। डॉक्टरों ने कहा है कि सभी डॉक्टर ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं, फिर भी वेतन काटा जा रहा है। बाहरी राज्यों में जहां प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, लेकिन उत्तराखण्ड़ में वेतन कटौती की जा रही है। प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ ने उत्तराखण्ड के अस्पतालों में सुविधाओं की कमी का ठीकरा डॉक्टरों पर फोड़ने का विरोध किया।

हालांकि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी को डॉक्टरों की मांगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि डॉक्टरों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सभी संवर्गों की जायज मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। सीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव ने अमित नेगी ने डीजी हैल्थ डॉ. अमिता उप्रेती को फोन कर डॉक्टरों की मांगो पर वार्ता करने के निर्देश दिए जिसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने प्रान्तीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के प्रतिनिधि मण्डल से वार्ता की लेकिन डॉक्टरों की मांगों पर पूर्ण सहमति न बनने से खफा डॉक्टरों ने आज से काली पट्टी बांधकर काम करना शुरू कर दिया है।

इस संबंध में उत्तराखण्ड चिकित्सक संघ के प्रदेश सचिव मनोज वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य महानिदेशक ने हमारी पांचो मांगों को मानने का आस्वाश्न दिया है, इस संबंध में प्रतिनिधिमंडल को बृहस्पतिवार को सचिव से वार्ता के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि लेकिन जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक हमारा आंदोलन चलता रहेगा और आज प्रदेश भर में डॉक्टर काली पट्टी बांध कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। जिस दिन हमारे मांगे पूरी हो जाएंगी उस दिन हम आंदोलन खत्म कर देंगे।

चिकित्सक संघ की 5 मुख्य मांगे हैं, जिसमे पहली माँग है कि चिकित्सकों का हर माह एक दिन वेतन काटने का निर्णय सरकार वापिस ले, दूसरी माँग है मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा जिसमें पीजी करने वाले डॉक्टरों को पूरा वेतन देने की बात कही गयी है, उसका शासनादेश जारी हो। तीसरी माँग है जिलाधिकारी द्वारा तहसीलदार, व पटवारी आदि को अस्पतालों के निरीक्षण करने से रोका जाये, चौथी माँग है जसपुर में विधायक द्वारा कंटेन्मेंट प्रभारी से की गई अभद्रता के लिए विधायक पर कार्रवाई की जाए। पांचवी मुख्य माँग है अस्पतालों में होने वाली मौत का ठीकरा डॉक्टरों के सिर न फोड़ा जाय।