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स्कूल बंद है तो क्या हुआ, बच्चों ने सोशल मीडिया के जरिए किया शहीदों को याद

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रामनगर में रचनात्मक शिक्षक मण्डल की पहल पर आज भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव के शहादत दिवस पर दो सौ से अधिक बच्चों ने सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। बच्चों द्वारा शहीदों के चित्र बनाने के साथ साथ भगत सिंह द्वारा लिखे गए पत्रों यथा घर को अलविदा, साम्प्रदायिक दंगे एवं उनका इलाज, असेम्बली हॉल में फेंका गया पर्चा, भाई कुलतार के नाम अंतिम पत्र का वाचन किया। इस मौके पर तुषार बिष्ट, नीरज चौहान की टीम द्वारा गाये गए आजादी के  दौर के गीत सरफ़रोशी की तमन्ना,1857 का अजीमुल्ला खां द्वारा लिखा गया प्रयाण गीत हम हैं इसके मालिक हिंदुस्तान हमारा, मेरा रंग दे बसंती चोला का एक वीडियो भी जारी किया गया। अभिनयकर्ता ललित बिष्ट की आवाज में भगतसिंह के पत्रों का ऑडियो भी बच्चों ने सुना।

एम पी इंटर कालेज के सेवानिवृत्ति शिक्षक नरीराम स्नेही द्वारा इस मौके के लिए विशेष रूप से कुमाउंनी कविता आजादी मुछयाव लिबे, बखत परि ठाड़ उठा का कविता पोस्टर भी जारी किया गया। कार्यक्रम संयोजक नवेंदु मठपाल ने बताया कि सभी प्रतिभागी बच्चों को आयोजक मण्डल की ओर से भगतसिंह एवं उनके साथियों द्वारा लिखा गया साहित्य भेंट किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में चित्रकार सुरेश लाल, गोपाल करगेती, हरिशंकर ममगई, पिंकी  रावत, पारुल अधिकारी, गिरीश मेंदोला, नन्दराम आर्य, सुभाष गोला, सन्तोष जोशी का सक्रिय सहयोग रहा।