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रामनगर संयुक्त चिकित्सालय में जन औषधि केन्द्र बंद होने से महंगी दवाई खरीदने को मजबूर लोग, राज्य आंदोलनकारी आक्रोशित।

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रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय रामनगर में स्थापित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के बंद हो जाने तथा कोरना काल में अपनी अमूल्य सेवाएं देने वाले कोरोना योद्धाओं को नौकरी से निकालने पर सामाजिक राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बैठक कर आक्रोश व्यक्त किया तथा इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराने का निर्णय लिया है। लखनपुर में राज्य आंदोलनकारी, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की करनी और कथनी में अंतर है।

प्रधानमंत्री द्वारा जनता को सस्ती दवाइयां देने की बात करते हुए अस्पतालों में जेनेरिक औषधि केंद्र खोले गए लेकिन हालात यह है कि इन जेनेरिक अस्पतालों में 1 साल से ज्यादा समय से दवाइयों की खरीद-फरोख्त नहीं की गई तथा वर्तमान कोरोनाकाल में इस एकमात्र प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को उत्तराखंड सरकार व जिलादिकारी के द्वारा बंद कर दिया गया, वहीं इन केंद्रों में कार्य करने वाले कर्मचारियों द्वारा कोरोना काल में अमूल्य सेवा देने वाली कोरोना योद्धाओं को भी नौकरी से हटा दिया गया है।

जन औषधि केंद्र के बंद हो जाने से लोगों को महंगी दवाई खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बैठक में आधार कार्ड बनाने तथा संशोधन कराने में आ रही दिक्कतों पर भी विचार विमर्श किया गया तथा निर्णय लिया गया कि इस संबंध में कल उप जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराते हुए एक ज्ञापन उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। बैठक में राज आंदोलनकारी पीतांबरी रावत, योगेश सती, उत्तराखंड क्रांति दल के इंद्र सिंह मनराल, बाग़म्बर सिंह सजवान, देवभूमि विकास मंच के मनमोहन अग्रवाल,प्रभात ध्यानी, लालमणि आदि उपस्थित थे।