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अल्मोड़ा- कोरोना संकट में गरीब, असहाय व स्कूली बच्चों के लिए मसीहा बने राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मनकोटी।

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कोविड-19 के कारण जहां पूरी दुनिया के सामने अप्रत्याशित, असाधारण परिस्थितियाँ आ गयी हैं, मानव के सामने जीविकोपार्जन का संकट भी खड़ा हो गया है। ऐसी अप्रत्याशित परिस्थितियों में प्रवासी मजदूर, रोज कमाकर खाने वाला परिवार, बीमार, दिव्यांग, अशक्त व निःशक्त व्यक्ति सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सारे स्कूल व कॉलेज बंद होने के कारण छात्र व बच्चे सभी अपने-अपने घरों में या गावों में रह गए हैं।

इस संकट की घड़ी में विकास खण्ड भैसियाछाना में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त राजकीय जूनियर हाई स्कूल चनोली के शिक्षक कल्याण मनकोटी द्वारा लोगों व बच्चों को मास्क, सैनिटाइजर, कापियां, किताबें, स्कूल बैग तथा जरुरी सामाग्री उपलब्ध करायी जा रही है। शिक्षक मनकोटी के द्वारा लॉक डाउन के कारण प्रभावित अशक्त, निःशक्त, विशिष्ट आवश्यकता, वृद्ध, दिव्यांग, बीमार, असहाय विधवा तथा ऐसे परिवार जो दैनिक मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे और लॉक डाउन के कारण उनकी मजदूरी करने के सभी अवसर बंद हो गये थे उनके जीवनयापन के लिये भोजन व अन्य बुनियादी आवश्यकताओं दवा आदि का संकट आने पर ग्राम स्तर पर वालंटियर्स की टीम का गठन किया गया है।

उन्होंने विभिन्न सामाजिक संस्थाओं व वालंटियर्स के साथ मिलकर भैंसियाछाना विकास खण्ड के चनोली, कुमौली, सेला, लम्बू उद्दियार आदि ग्रामों के अति जरुरतमन्द व्यक्तियों तक राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य किया। इसके साथ ही शिक्षक मनकोटी द्वारा ऑनलाइन शिक्षण व बच्चों के लिए ऑफ लाइन वर्क शीट तैयार कर युवा छात्रों के साथ एक मोबाइल लाइब्रेरी का संचालन कर रहे हैं, जिसमें बच्चों को बाल साहित्य, कहानी की किताबें, हिंदी व अंग्रेजी का बेहतरीन साहित्य पहुँचा रहे हैं। शिक्षक मनकोटी का मानना है किताबें ही जीवन को ऊचाई तक पहुचानेे का बेहतरीन माध्यम है जिनके द्वारा बच्चों में युवाओं में सकारात्मकता का संचार किया जा सकता है। कोरोना काल में बेहतरीन ऑनलाइन शिक्षण के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।