Home खास ख़बर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए किसानों की सुरक्षा सुनिश्चितः पीएम मोदी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए किसानों की सुरक्षा सुनिश्चितः पीएम मोदी

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है। पीएम मोदी शुक्रवार को मोडासा पर कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, मोदी ने यहां अरावली में एक वाटर सप्लाई स्कीम उद्घाटन किया।

पीएम मोदी गुजरात के मोडासा में पानी सप्लाई से जुड़ी योजनाएं का उद्घाटन करते हुए लोगों को संबोधित किया। पीएम ने कहा कि हमने पीएम फसल बीमा योजना के जरिए कम प्रीमियम में अधिक सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि हमने यह सुनिश्चित किया है कि पूरे गुजरात में किसानों को हमारी सिंचाई योजनाओं से पानी मिलता रहे। सफाई और सुविधाओं के मामले में गुजरात के बस स्टेशन एयरपोर्ट जैसे होंगे। इसके बाद पीएम  मोदी गांधीनगर के महात्मा मंदिर में इंटरनेशनल टैक्सटाइल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात के राजकोट में रोड शो किया। रोड शो में भारी भीड़ रही। आठ किमी लंबे रोड शो में मोदी को देखने के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। जोरदार बारिश के बावजूद महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में उत्साह कायम था।
इससे पहले आजी डैम में नर्मदा के जल की पूजा करने के बाद जनसभा में उन्होंने कहा कि कभी रेल टैंकर से राजकोट पानी लाया जाता था। उस समय ये खबरें अखबारों में हेडलाइन बनती थीं। हैंडपंप लगना बड़ा अवसर बन गया था। गढ्डे खोदकर नल से पानी भरा जाता था।
सौनी योजना की घोषणा के वक्त विपक्ष और मीडिया ने कहा था कि ये संभव नहीं है। लेकिन, सरकार ने 470 किमी दूर नर्मदा बांध से पानी लाकर उसे 65 मंजिल ऊंचा चढ़ाकर सौराष्ट्र और कच्छ की सूखी धरती तक पहुंचा दिया।

राष्ट्रगान का विश्व रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में 1442 मूक-बधिर बालक-बालिकाओं ने संकेत में राष्ट्रगान गाकर एक विश्व रिकॉर्ड कायम किया।
प्रधानमंत्री ने कहा- ‘दिव्यांग बच्चे न सिर्फ उस परिवार की जिम्मेदारी हैं, जहां उनका जन्म हुआ है। बल्कि ये बच्चे समाज के साथ देश की भी जिम्मेदारी हैं।’ उन्होंने युवाओं से दिव्यांगों के लिए नए उपकरण बनाने को स्टार्टअप शुरू करने के वास्ते आगे आने की भी अपील की।
उन्होंने कहा- ‘आज हमने करीब 18,500 दिव्यांगों को एक जगह पर सहायक उपकरण बांटकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया है।’ मोदी ने कहा कि दिव्यांगों को सहायक उपकरण बांटने का काम सरकार ने 1992 में शुरू किया था। 1992 से 2013 तक इसके लिए सिर्फ 55 शिविर लगाए गए। जबकि 2014 से 2017 के बीच 5,500 ऐसे कार्यक्रम आयोजित हुए। उन्होंने कहा कि तुलना करिए कि कहां 55 और कहां 5,500। यह दर्शाता है कि हमारी सरकार किस प्रकार काम कर रही है।