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दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती से बचने के लिए पदोन्नति छोड़ने वाले कर्मचारियों पर सरकार ने कसा शिकंजा।

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सरकार ने दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती से बचने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कस दिया है। राजकीय सेवाओं में तैनात अधिकारी व कर्मचारी अब आसानी से बार-बार पदोन्नति नहीं छोड़ पाएंगे। प्रमोशन पर यदि कोई कर्मचारी दूसरी बार भी अपने नई तैनाती स्थल पर ज्वाइनिंग नहीं करता तो ऐसे कर्मचारियों की वरिष्ठता खत्म हो जाएगी।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, बीते सप्ताह सरकार ने कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया था। सरकार का मानना है कि नियमावली के प्रावधान लागू होने से अब सुविधाजनक स्थानों में बने रहने के लिए अधिकारी-कर्मचारी आसानी से पदोन्नति का परित्याग नहीं कर सकेंगे। दुर्गम में जाने से बचने के लिए अधिकारी व कर्मचारी पदोन्नति छोड़ने का खेल खेलते थे।

देखें नियमावली- पदोन्नति-परित्याग-GO

सरकार ने अब राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति का परित्याग नियमावली-2020 को जारी कर दिया है। इसके तहत प्रावधान किया गया है कि किसी भी कर्मचारी का प्रमोशन होने पर उसे 15 दिन के भीतर नई तैनाती स्थल पर ज्वाइनिंग करना होगा। यदि अपरिहार्य परिस्थितियों में नियुक्त प्राधिकारी ऐसे कर्मचारियों को 15 दिन का अतिरिक्त समय दे सकता है। पहली बार प्रमोशन होने पर यदि कोई कर्मचारी नई तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण नहीं करते तो नियुक्ति प्राधिकरण गुण-दोष के आधार पर ऐसे मामलों पर निर्णय लेगें। इसके साथ ही कहा गया है कि यदि उसी चयन वर्ष में दोबारा कोई डीपीसी होती है तो नियुक्ति प्राधिकारी संबंधित कर्मचारी से जूनियर कर्मचारी के नाम का भी प्रस्ताव रखेगा।