Home उत्तराखंड क्या इस शनिवार-रविवार भी रहेगा लॉकडाउन ? जानिए क्या है व्यापारी वर्ग...

क्या इस शनिवार-रविवार भी रहेगा लॉकडाउन ? जानिए क्या है व्यापारी वर्ग की मांग।

1725
SHARE

उत्तराखण्ड़ में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। गुरुवार को प्रदेश में 369 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए। जिससे शासन-प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। 6 अगस्त रात 9:30 बजे तक प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 8623 हो गई है। जिसमें 5427 मरीज ठीक हो चुके हैं, वहीं 3056 सक्रिय मामले हैंं, अब तक 102 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

प्रदेश के चार जनपदों में कोरोना संक्रमितों की संख्या अधिक बढी है। जिसमें देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर व नैनीताल जनपद शामिल हैं। इन 4 जनपदों में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए जुलाई में शनिवार-रविवार लॉकडाउन घोषित किया गया था। हालांकि बीते सप्ताह ईद व रक्षाबंधन के त्यौहारों को देखते हुए लॉकडाउन में छूट दी गई थी। अब 8 व 9 अगस्त को शनिवार व रविवार पड़ रहा है, एक बार फिर इस बात की चर्चाएं तेज हैं कि क्या सरकार फिर शनिवार-रविवार लॉकडाउन रखेगी ?

हालांकि सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन का व्यापारी वर्ग ने खासा विरोध जताया है। क्योंकि जुलाई में शनिवार-रविवार लॉकडाउन में बाजार तो बंद था, लेकिन शराब की दुकानें खुली थी सार्वजनिक परिवहन बंद था जबकि लोगों को अपने वाहनों से आवाजाही में छूट दी गई थी। नैनीताल व्यापार मंडल ने सरकार के इस फैसले का खासा विरोध किया था और साफ शब्दों में चेतावनी दे डाली थी कि यदि अब शनिवार-रविवार लॉकडाउन होता है और शराब की दुकानों को खोलने की छूट मिलती है तो वह भी अपनी दुकानें खुली रखेंगे।

वहीं प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने भी 2 दिन के लॉकडाउन को औचित्यहीन बताया है। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा ने कहा कि इससे सिर्फ व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। वाहनों की आवाजाही हो रही है और लोगों का एक-दूसरे से संपर्क हो रहा है, ऐसे में कोरोना संक्रमण कैसे रूकेगा।

इस सप्ताह 8-9 अगस्त को लॉकडाउन रहेगा या नहीं इस पर सरकार आज फैसला ले सकती है। प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों के कारण कंटेनमेंट जोन की संख्या 370 हो गई है, वहीं कई क्षेत्रों में माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी बनाए गए हैं। व्यापारी वर्ग की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार सिर्फ कंटेनमेंट व माइक्रो कंटेनमेंट जोन में ही सख्ती कर सकती है।