Home उत्तराखंड कुमांऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने दी उपाधियां।

कुमांऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने दी उपाधियां।

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कुमाऊॅ विश्वविद्यालय के 16 वे भव्य दीक्षांत समारोह में  राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस दौरान 38483 विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में उपाधियां दी गई। राज्यपाल ने 62 मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक व सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डाॅ. डी.वाई. चन्द्रचूड़, पद्मश्री डाॅ.सौमित्र रावत को मानद उपाधि दी, साथ ही सावित्री केड़ा जंतवाल को डी.लिट की उपाधि प्रदान की गयी।

 

दीक्षान्त समारोह के अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षान्त समारोह विद्यार्थियों के लिए गौरवशाली अवसर है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा एक दीर्घ कालिक प्रक्रिया है, जीवन में निरन्तर नवीन ज्ञान की खोज करते रहना हमारा परम लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुमाऊॅ विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाया है, यह गौरव की बात है।

 

मानद उपाधि प्राप्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डाॅ. डीवाई चन्द्रचूढ़ ने मानद उपाधि देने के लिए कुलाधिपति व विश्वविद्यालय परिवार को धन्यवाद दिया। उन्होंने सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में अनेकता में एकता है, यहाॅ धर्म, सम्प्रदाय, भाषा एवं शैली, वेषभूषा आदि अलग-अलग होने के बाद भी एकता है, यही हमारी शक्ति है। उन्होंने कहा विचार धाराऐं अलग-अलग होने पर भी एक-दूसरे का आदर एवं सम्मान जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दिल में अन्तरात्मा रूपी प्रज्ज्वलित रखे तभी मानवता बढ़ती है। स्वयं से सवाल करें, जब सवाल होगा तभी जवाब भी मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि माता-पिता, गुरूजनों एवं बड़ों का सदा सम्मान व छोटो को स्नेह प्रदान करें।

 

पदमश्री डाॅ.सौमित्र रावत ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमें अपनी आगे की पीढ़ी को सिखाना है कि वे मानवता ही सबसे बढ़ी सेवा है। इस सेवा से बढ़कर कोई परम पुण्य नही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम, समयबद्धता, कर्मठता, दृढ़ इच्छा शक्ति एवं आत्मविश्वास अत्यावश्यक है।