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2 नवंबर से स्कूल खोले जाने की तैयारी पर शिक्षा मंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक, दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश।

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कोविड-19 काल में उत्तराखण्ड में आगामी 2 नवंबर से 10वीं व 12वीं की कक्षाओं के लिए स्कूल खोले जाने की अनुमति राज्य सरकार ने दी है। इस संबंध में मुख्य सचिव की ओर से एसओपी भी जारी कर दी गई है। एसओपी जारी होने के बाद अब स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही है, इस संबंध में आज शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने विधानसभा में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि विद्यालय खुलने से पूर्व समस्त विद्यालय के जिम्मेदार शैक्षिक अभिकर्मियों को विद्यालय को भली-भांति सैनिटाइज करने की प्रक्रिया पूर्ण करानी होगी, तथा कक्षा 10 एवं 12 के छात्र/छात्राओं के अभिभावकों से बातचीत कर विद्यालय भेजने हेतु बातचीत की जाए। शिक्षा मंत्री ने राज्य स्तर पर तथा प्रत्येक जनपद स्तर पर विद्यालय पुन: खोले जाने की व्यवस्था का अनुश्रवण करने हेतु नोडल अधिकारी नामित किए जाने के निर्देश दिए।

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निर्देश पर निदेशक माध्यमिक शिक्षा आर.के. कुंवर द्वारा राज्य स्तर पर विद्यालयों को खोले जाने की व्यवस्था का अनुश्रवण करने हेतु अपर निदेशक मुख्यालय रामकृष्ण उनियाल को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किया गया तथा प्रत्येक जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी को जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किया है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा आर.के कुंवर ने नामित नोडल अधिकारियों को विभिन्न दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं-

विद्यालय खोले जाने से पूर्व उन्हें पूरी तरह सैनिटाइज किया जाए, तथा यह प्रक्रिया प्रतिदिन प्रत्येक पाली के उपरांत नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों में सैनिटाइजर, हैडवाश, थर्मल स्क्रीनिंग व प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि किसी विद्यार्थी या शिक्षक या अन्य कार्मिक को खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण हो तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए घर वापस भेज दिया जाए। विद्यार्थियों को हैंडवॉश/ हैंडसैनिटाइज कराने के पश्चात ही विद्यालय में प्रवेश दिया जाए। विद्यालय में प्रवेश के समय तथा छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए तथा एक साथ सभी बच्चों को छुट्टी न की जाए।

यदि विद्यार्थी स्कूल बसों अथवा विद्यालय से संबद्ध सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग कर स्कूल आते हैं तो उन्हें प्रतिदिन सैनिटाइज किया जाए, तथा बैठने की व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा विद्यालय के अन्य कर्मचारियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबन्धन द्वारा अतिरिक्त मास्क उपलब्ध रखे जाएं।