Home उत्तराखंड उत्तर-प्रदेश तक उत्तराखण्ड पुलिस की चर्चा, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश।

उत्तर-प्रदेश तक उत्तराखण्ड पुलिस की चर्चा, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश।

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उत्तराखण्ड पुलिस की चर्चा इन दिनों उत्तर-प्रदेश तक हो रही है, मामला ऐसा है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को जांच के आदेश देने पडे हैं। दरअसल उत्तर- प्रदेश के आंवला, जिला बरेली (यूपी) के सांसद ने नैनीताल-ऊधमसिंह नगर पुलिस पर खनन वाहनों से अवैध वसूली का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।

यूपी के वाहन स्वामियों की शिकायत पर दो दिन पहले बिल्सी के विधायक पंडित राधाकृष्ण शर्मा ने उत्तराखंड के सीएम, पीएमओ को पत्र भेजा था। उन्होंने नैनीताल जनपद की लालकुआं और ऊधमसिंह नगर के कई कोतवाली और थाना क्षेत्र में पुलिस की ओर से की जा रही वाहनों से अवैध वसूली की शिकायत की थी। अब आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि लालकुआं से गौला नदी से खनन कर रेता बजरी ले जाने वाले वाहनों से हर थाने चौकी पर वसूली हो रही है।


थाना लालकुआं, पतंनगर, किच्छा, पुलभट्टा एवं थाना बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर कोतवाली, थाना केलाखेड़ा, दिनेशपुर, लालपुर चौकी तक ट्रक मालिकों, ड्राइवरों से महीना वसूली की जाती है। वसूली के लिए गाड़ी मालिकों/ड्राइवर की सूचना देने के लिए चौकी, थानों में प्राइवेट लड़के भी रखे गए हैं। चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति कर बेगुनाह ट्रक चालक और मालिकों के ट्रक बंद कर दिए जाते हैं। यूपी से हर रोज 100 से 200 व्यक्ति अवैध खनन की 10 टायरा ट्रक निकलवाने के लिए कारों से उत्तराखंड के बाजपुर जाते हैं। इससे यूपी और उत्तराखंड के व्यापारियों में रोष व्याप्त है।

मुख्यमंत्री रावत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनसंपर्क अधिकारी विजय बिष्ट ने भी इस प्रकरण की अपने स्तर से पड़ताल शुरू कर दी है। ताकि इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके। इस संबंध में यदि कोई व्यक्ति जानकारी देना चाहता है तो वह उन्हें व्यक्तिगत रुप से दे सकता है।