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चम्पावत में 40 लाख का छात्रवृत्ति घोटाला

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विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के कार्यकाल की पहली कैग रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसमें करोड़ों की वित्तीय अनियमितताएं के कारण सरकार को करोड़ो को राजस्व की चपत लगने की बात सामने आई थी।जिसमें मुख्य रूप से समाज कल्याण विभाग की बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। वहीं अब चम्पावत जिले के बनबसा में एक माह के लिए फर्जी इंस्टीट्यूट खोलकर 40 लाख रूपये की छात्रवृत्ति घोटाले का मामला पकड़ में आया है, मामले में पुलिस ने तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी समेत सात लोगों पर केस दर्ज किया है। आरोपियों में शामिल इंस्टीट्यूट संचालक और बिचौलिए हरिद्वार निवासी हैं।
चम्पावत एसपी धीरेन्द्र गुंज्याल ने बताया कि कुछ माह पूर्व हाईकोर्ट ने छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के आदेश दिए थे,इसके लिए एसआईटी के रुप में चम्पावत पुलिस ने भी दशमोत्तर के सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों के दस्तावेज कब्जे में ले लिए थे, जांच में सामनेे आया कि बनबसा के पचपकरिया में हरिद्वार निवासी चैरब जैन नाम के शख्स ने 26 जनवरी 2015 को देवभूमि विद्यापीठ नाम का शिक्षण संस्थान खोोला था छाात्रों को केवल एर बार दाखिला और दूसरी बार बैंक ऑफ बडौदा में खाता खुलवाने के लिए ही यहां बुलायाा गया था, इसके कुछ ही दिनों बाद संचालक यहां सेे चलते बने इस बीच समाज कल्याण विभाग की ओर से दी गई छात्रवृत्ति को संचालक और बिचौलिए हड़पते रहे। दो साल के भीतर संचालकों ने 39.52 लाख की छात्रवृत्ति का घोटाला किया। संचालकों ने इंस्टीट्यूट को नार्थ ईस्ट फ्रंटियर टैक्निकल यूनिवर्सिटी आंध्र प्रदेश की मान्यता दर्शाई थी जोकि जांच में फर्जी पाई गयी।