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कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा -वो ऐसे अभिमन्यु नहीं, जो आखिरी दरवाजे पर मारे जाएं, जानिए क्या है पूरा मामला।

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उत्तराखंड के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत इन दिनों विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के भी निशाने पर हैं। विपक्ष जहां कर्मकार कल्याण बोर्ड में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठा रहा है, तो वहीं लैंसडोन से भाजपा विधायक दिलीप सिंह रावत ने उनके ड़्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी पर सवाल उठाए हैं।

श्रम विभाग के कर्मकार कल्याण बोर्ड के ऑडिट को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और कई तरह की वित्तीय अनियमितताओं की बातें कही जा रही हैं। इन आरोपों के जवाब में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने सोमवार को प्रेस कान्प्रेंस के दौरान आक्रामक अंदाज में कहा कि वो ऐसे अभिमन्यु नहीं है, जो आखरी दरवाजे पर मारे जाएं। डॉ हरक सिंह रावत का कहना है कर्मकार बोर्ड में जो भी कार्य किए गए हैं, पूरे नियमों के तहत किए गए हैं जहां तक कोटद्वार में अस्पताल खोलने की बात है उस पर मुख्यमंत्री से लेकर शासन तक का अनुमोदन लिया गया है। इसलिए ऐसा नहीं है जो कहा जा रहा है, सभी कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए गए हैं।

भाजपा विधायक दिलीप सिंह रावत द्वारा कंडी मार्ग निर्माण को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि हरक सिंह रावत का कहना है कि किसी भी तरह कोई टाइगर रिजर्व नहीं बन रहा बल्कि टाइगर रिजर्व में सफारी बन रहा है। जिसे एक तरफ से जू कहा जा सकता है। जिससे किसी तरह के निर्माण में कोई दिक्कत नहीं हो रही है, कंडी मार्ग का निर्माण उनकी प्राथमिकता है और वह निर्माण होकर रहेगा।

बता दें कि बीते शुक्रवार को पाखरो में प्रदेश के वनमंत्री हरक सिंह रावत ने टाइगर सफारी का शिलान्यास किया कर इसे अपनी उपलब्धि बताया, उन्होंने दावा किया कि टाइगर सफारी शुरू होने के बाद कोटद्वार तो विशेष पहचान मिलेगी। लेकिन लैंसडौंन विधायक दिलीप रावत ने टाइगर सफारी को कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर कंड़ी मार्ग निर्माण में बाधक बताते हुए वन मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा है कि टाइगर सफारी क्षेत्र में बाघों को लाए जाने के बाद वन और वाइल्ड लाइफ से जुड़े कानून बेहद सख्त हो जाएंगे। इस कारण कंड़ी मार्ग को इजाजत मिलना बेहद मुश्किल हो जाएगा।