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किसान आंदोलन की आहट से घबराए फड़नवीस, महाराष्ट्र में कर्ज माफी का ऐलान

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महाराष्ट्र में सोमवार से प्रस्तावित किसानों के विरोध प्रदर्शन से पहले ही बीजेपी की देवेंद्र फड़नवीस सरकार ने कुछ शर्तों के साथ किसानों के कर्ज माफ करने को मंजूरी दे दी है. छोटे किसानों का कर्ज तत्काल माफ किया जाएगा, जबकि बड़े किसानों की सशर्त कर्जमाफी होगी.

बता दें कि कर्जमाफी की मांग को लेकर सोमवार से किसानों का विरोध प्रदर्शन था.फड़नवीस सरकार के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा, ‘कुछ शर्तों के साथ किसानों की कर्जमाफी को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई है. इन शर्तों को तय करने के लिए एक कमिटी का गठन किया जाएगा.’पाटिल ने कहा कि छोटे किसानों का कर्ज तत्काल माफ कर दिया गया है, जबकि बड़े किसानों का कर्ज कुछ शर्तों के साथ माफ होगा.स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के राजू शेट्टी ने कहा कि किसानों की हड़ताल को अभी रद्द कर दिया गया है. शेट्टी ने कहा कि अगर 25 जुलाई से पहले किसानों का लोन माफ नहीं हुआ, तो हम बड़े पैमाने और ताकत के साथ सड़कों पर उतरेंगे.

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का अगला सत्र 25 जुलाई से शुरू होने वाला है. राज्य में शिवसेना और बीजेपी की सरकार है. किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर शिवसेना भी सड़कों पर उतरी थी. शिवसेना की मांग थी कि किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए.

छोटे किसानों का मिलेगा नया लोन
कर्जमाफी की घोषणा के बाद छोटे किसान नया लोन ले सकेंगे. इसके साथ ही उनका नाम ब्लैक लिस्ट से हटा दिया जाएगा. बता दें कि लोन की भरपाई न करने के कारण छोटे किसानों को बैंकों ने ब्लैक लिस्ट कर दिया है.

इसके साथ ही किसानों के खिलाफ दर्ज मामले भी वापस भी लिए जाएंगे, लेकिन जिन मामलों में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा. उन मामलों में ऐसा नहीं होगा.

किसानों संग PM मोदी से मिलेंगे फड़नवीस
स्वामीनाथन कमीशन को लेकर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे. क्योंकि कमीशन को लागू करने का काम केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आता है.

इसके साथ ही दूध के प्रॉफिट शेयरिंग में 70 प्रतिशत किसानों को मिलेगा, जबकि 30 प्रतिशत सरकार के हिस्से में जाएगा.

किसानों के साथ बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल, ट्रांसपोर्ट मंत्री दिवाकर रावते, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के किसान नेता राजू शेट्टी, वर्कर्स पार्टी के जयंत पाटिल के साथ निर्दलीय विधायक बच्चू काडू और सुभाष देशमुख भी मौजूद रहे.

क्या है दांव पर
अगर महाराष्ट्र सरकार किसानों का पूरा कर्ज माफ कर देती है, तो सरकार के एक अनुमान के मुताबिक 1.1 लाख करोड़ का बोझ आएगा. बता दें कि राज्य सरकार पर पहले से ही 4 लाख करोड़ का कर्ज है.

मंत्री से मिला किसानों का प्रतिनिधिमंडल
रविवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल और मंत्रियों की कमिटी के बीच दूसरे राउंड की बातचीत सफल रही. बैठक की शुरुआत में किसानों ने मंत्रियों को अपनी मांग सूची सौंपी. यह बैठक चार घंटे तक चली.