Home अपना उत्तराखंड अत‌िथ‌ि श‌िक्षकों और पुल‌िस के बीच जबरदस्त हाथापाई, 497 ग‌िरफ्तार

अत‌िथ‌ि श‌िक्षकों और पुल‌िस के बीच जबरदस्त हाथापाई, 497 ग‌िरफ्तार

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नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से धरना प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों ने मंगलवार को सीएम आवास कूच किया। हालांकि पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। यहां पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच करीब तीन घंटे तक धक्का-मुक्की और नोकझोंक चलती रहीपुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को वापस धकेल दिया। बाद में पुलिस ने 497 प्रदर्शनकारियों को पकड़ लिया, जिन्हें बाद में 20-20 हजार के निजी मुचलकों पर छोड़ दिया गया। धरनास्थल पर पिछले करीब एक सप्ताह से अतिथि शिक्षकों का क्रमिक अनशन भी चल रहा है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जनता दरबार में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की थी।

हालांकि मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला, जिसके बाद नाराज होकर उन्होंने मंगलवार को सीएम आवास कूच करने की चेतावनी दी। मंगलवार दोपहर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक दून पहुंच गए। दोपहर बाद धरनास्थल से प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में सीएम आवास के लिए रवाना हुए।प्रदर्शनकारियों की भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी सुभाष रोड पर आयकर भवन के पास पहुंचे कि पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। यहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई दौर की धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने दंगा निरोधी वाहन से प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें भी छोड़ी। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अतिथि शिक्षकों ने बैरिकेडिंग पार करने की कई बार कोशिश की लेकिन भारी पुलिसबल के आगे उनकी एक नहीं चली।

धक्का-मुक्की में कई अतिथि शिक्षकों को चोट भी लगी और कुछ महिला शिक्षक बेसुध भी हुई। शिक्षकों ने बैरिकेडिंग पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। शाम को पुलिस ने करीब 497 शिक्षकों को पकड़ लिया, जिन्हें वाहनों में भरकर पुलिस लाइन पहुंचाया गया। यहां से सभी अतिथि शिक्षकों को 20-20 हजार के निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक यादव और मीडिया प्रभारी दौलत जगूड़ी ने सरकार पर अतिथि शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 5500 युवाओं का भविष्य अधर में लटका है लेकिन सरकार उदासीन बनी हुई है। शिक्षक अब नए सिरे से आंदोलन की रणनीति बनाएंगे।

प्रदर्शनकारी कई बार मौके पर मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट सीएस मर्तोलिया और एसपी सिटी प्रदीप राय के पास पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से वार्ता कराने की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि सीएम कार्यालय से संपर्क कर सूचना दी गई है, हालांकि वहां से वार्ता के लिए कोई न्यौता नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह प्रदर्शनकारियों की वार्ता नहीं करा सकते।